WhatsApp अपने यूज़र्स के लिए एक बेहद उपयोगी फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिससे नए ग्रुप में शामिल होने वाले सदस्यों को बातचीत समझने में आसानी मिलेगी। इस नए विकल्प के ज़रिए ग्रुप में किसी नए व्यक्ति को जोड़ते समय हाल के मैसेज साझा किए जा सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म पर कुछ चुनिंदा बीटा यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराई गई है।
अब तक WhatsApp ग्रुप में नया सदस्य जुड़ते ही केवल आगे आने वाले मैसेज ही देख पाता था। इससे कई बार कामकाजी ग्रुप, सोसाइटी, स्कूल या इवेंट से जुड़े ग्रुप्स में नए सदस्य बिना किसी संदर्भ के बातचीत में शामिल हो जाते थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए WhatsApp यह नया फीचर टेस्ट कर रहा है।
कैसे काम करता है यह नया फीचर
जब कोई यूज़र ग्रुप में नया मेंबर जोड़ता है, तो WhatsApp अब एक अतिरिक्त विकल्प दिखा सकता है। ग्रुप इंफो सेक्शन में “Add Member” चुनने के बाद, स्क्रीन पर पूछा जाएगा कि क्या हाल के मैसेज साझा करने हैं या नहीं। यदि यह विकल्प उपलब्ध हो, तो यूज़र पिछले 14 दिनों के भीतर के अधिकतम 100 मैसेज शेयर कर सकता है।
इस फीचर की खास बात यह है कि इसमें पूरी चैट शेयर करना ज़रूरी नहीं है। यूज़र अपनी सुविधा और ज़रूरत के हिसाब से कम मैसेज भी चुन सकता है, जिससे प्राइवेसी बनी रहती है और केवल ज़रूरी जानकारी ही साझा होती है।
वर्क और कम्युनिटी ग्रुप्स के लिए फायदेमंद
इस तरह की सुविधा पहले से ही Slack और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है, जहां नए मेंबर्स को पुराने मैसेज देखने की अनुमति मिलती है। WhatsApp अब सिर्फ पर्सनल चैट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रोफेशनल काम, लोकल कम्युनिटी, बिज़नेस और इवेंट प्लानिंग के लिए भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।
नए फीचर से बार-बार पूरी बातचीत समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। नए सदस्य सीधे उन मैसेज को पढ़कर बातचीत की दिशा समझ सकेंगे।
अलग रंग और पूरी पारदर्शिता
WhatsApp ने इस फीचर में पारदर्शिता बनाए रखने पर खास ध्यान दिया है। साझा किए गए मैसेज एक अलग रंग में दिखाई देंगे, ताकि नए मेंबर आसानी से पहचान सके कि कौन से मैसेज पुराने हैं और कौन से रियल टाइम में भेजे गए हैं।
इसके अलावा, ग्रुप में एक सिस्टम नोटिफिकेशन भी दिखेगा, जिसमें बताया जाएगा कि किस यूज़र ने नए मेंबर के साथ हाल के मैसेज साझा किए हैं। इससे ग्रुप के बाकी सदस्यों को भी जानकारी बनी रहती है और प्राइवेसी को लेकर भरोसा बना रहता है।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन रहेगा सुरक्षित
WhatsApp ने साफ किया है कि इस फीचर के आने से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैसेज और उनकी एन्क्रिप्शन कीज़ उस यूज़र के डिवाइस पर ही प्रोसेस होती हैं, जो नए मेंबर को जोड़ रहा है। शेयर किए गए मैसेज पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहते हैं।
कब तक मिलेगा सभी यूज़र्स को यह फीचर
फिलहाल WhatsApp ने इस फीचर के सार्वजनिक रोलआउट की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि, iOS और Android दोनों पर बीटा टेस्टिंग शुरू हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले हफ्तों या महीनों में यह सुविधा सभी यूज़र्स तक पहुंच सकती है।
अगर यह फीचर सभी के लिए लॉन्च होता है, तो WhatsApp ग्रुप चैट्स पहले से ज्यादा व्यवस्थित, समझने में आसान और यूज़र-फ्रेंडली बन सकती हैं।
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